Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 17 नवंबर। गुरुग्राम में आज निगम की टीम ने एक सोसाइटी में निर्माणाधीन मंदिर को गिरा दिया। सोसाइटी निवासियों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक नहीं चली। वहीं सोसाइटी निवासियों का कहना है कि वे इसको लेकर उच्च अधिकारियों से मिलेंगे और अपना पक्ष रखेंगे। उनका आरोप है कि मंदिर को गिराने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया है।
निगम प्रशासन आज सुबह भारी पुलिस बल के साथ सेक्टर-85 की पिरामिड हाइट्स सोसाइटी पहुंचा था। यहां पर एक शिव मंदिर का निर्माण किया जा रहा था। जिसमें शिव परिवार भी स्थापित हो रखा था। उस स्थान को पहले हथौड़े की मदद से तोड़ा गया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध भी किया। लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण लोग प्रशासन की कार्रवाई को रोक नहीं सके।
लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताया है। भड़के लोगों को किसी तरह पुलिस ने शांत किया। वहीं, प्रशासन ने लोगों को फिर से अवैध निर्माण न करने की सलाह दी है।
सोसाइटी निवासियों के अनुसार, मंदिर का निर्माण स्थानीय लोग मिलकर कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने इसे बिना अनुमति का निर्माण बताया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस टीम के साथ बुलडोजर भी मौके पर पहुंचा, जिसके बाद मंदिर का ढांचा गिरा दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान सोसाइटी के कई निवासी मौके पर जमा हो गए और इसका विरोध किया। निवासियों का कहना है कि मंदिर का निर्माण समाज के सहयोग से शांतिपूर्वक किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या प्रतिनिधि से बातचीत किए सीधी तोड़फोड़ की कार्रवाई की।
उधर, निगम अधिकारियों ने कहा कि सोसाइटी परिसर में कोई भी स्थायी निर्माण करने से पहले नगर निगम और संबंधित विभागों से मंजूरी लेना अनिवार्य है। प्रशासन ने बताया कि इसी नियम के तहत यह कार्रवाई की गई है।
मंदिर तोड़े जाने से आहत सोसाइटी के लोगों ने कहा कि वे जल्द ही उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर विरोध दर्ज कराएंगे। वे मंदिर निर्माण की वैध प्रक्रिया पूरी करते हुए पुनः निर्माण का रास्ता तलाशेंगे।




