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Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 1 दिसंबर। गुरुग्राम की एक सत्र अदालत ने टैक्सी ड्राइवर का अपरहरण करके उसकी हत्या करके कार छीनने की वारदात को अंजाम देने वाले 3 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों ने ब्लेड से गले पर चोटें मारकर और कंबल से गला घोंटकर टैक्सी चालक की हत्या की थी। इसके बाद वे लाश को पत्थरों व झाड़ियों के नीचे दबाकर कार को लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक 1 महीने बाद लाश बरामद की थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अतिरिक्त न्यायाधीश सुनील कुमार देवन की अदालत ने आज अपरहण करके लूट करने व हत्या करने की वारदात को अंजाम देने वाले 3 आरोपियों को दोषी करार देते हुए धारा 302, 34 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 364, 34 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201, 34 आईपीसी के तहत 7 साल की कैद व 25 हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 397, 34 आईपीसी के तहत 7 साल की कैद व 25 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई। सजा जिन्हें सुनाई गई है वे इस प्रकार है…
1. साकिब अंसारी पुत्र सलीम अहमद निवासी मकान नं. 1377/700 मोहल्ला मदीना चौक, थाना सिविल लाईन्स, मुज्जफरनगर, जिला मुज्जफरनगर, उत्तर-प्रदेश, उम्र-26 वर्ष, शिक्षा बी.सी.ए.।
2. पंकज सिंह पुत्र सोहन सिंह निवासी मकान नं. 74, रानीखेत, थाना रानीखेकत, जिला अल्मोड़ा, उत्तराखंड, उम्र-24 वर्ष, शिक्षा 12वीं पास।
3. प्रिंसपाल पुत्र राजकुमार निवासी मकान नं. 423 इंदिरा कॉलोनी, मुज्जफरनगर, थाना कोतावली, जिल मुज्जफरनगर, उत्तर-प्रदेश, उम्र-23 वर्ष, शिक्षा 12वीं पास।
23 नवंबर 2019 को पुलिस चौकी अंसल टाउनशिप थाना पालम विहार गुरुग्राम में सुरजन सिंह चौहान उर्फ अर्जुन पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी गांव – फौजी मककोट थाना रुद्रपुर जिला ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड हाल किरायेदार म.न. 3880 गली न. 9 एनआईटी फरीदाबाद ने हाजिर चौकी आकर एक लिखित शिकायत के माध्यम से बतलाया कि वह सांई टूर एंड ट्रैवल नामक एजेंसी चलाता है। उसके पास 10 कमर्शियल कारें हैं, जिन्हें चलाने के लिए उसने ड्राइवर रख रखे हैं। उसका एक ड्राइवर जिसका नाम जयपाल पुत्र करुआ निवासी गांव बुडेका थाना टप्पल जिला जेव उत्तर-प्रदेश हाल पता डब्ल्यूएचएसएस – 201 शिशपाल विहार, गुरुग्राम करीबन एक साल से इसके पास काम कर रहा है। जो 21 नवंबर 2019 को रात करीब 10 बजे पर साइबर सिटी गुरुग्राम से उसकी निजी गाड़ी कलर सफेद में एक व्यक्ति दानेश को छोड़ने के लिए सी2-1111 पालम विहार गुरुग्राम गया था। जो दानेश को सी2-1111 पालम विहार के पते पर 10.30 पीएम छोड़कर गाड़ी सहित वहां से निकल गया, लेकिन जयपाल ना ही तो साइबर सिटी जीजीएम पहुंचा और ना ही अपने निवास शिशुपाल विहार पहुंचा। जिसे यह आज तक तलाश करते रहे जो इन्हें नहीं मिला। प्राप्त इस शिकायत पर थाना पालम विहार गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया था।
पुलिस चौकी अंसल टाउनशिप थाना पालम विहार ने कार चालक के लिए विभिन्न माध्यमों से विज्ञापन जारी किए और पुलिस तकनीकी की सहायता से भी उसे ढूंढने के हरसंभव प्रयास किए गए। इसके बाद टैक्सी चालक का अपहरण करके उसकी हत्या किए जाने की पुष्टि होने पर अभियोग में अपहरण, लूट व हत्या से संबंधित धाराएं ईजाद (जोड़ी) की गई तथा पुलिस टीम द्वारा अभियोग में आगामी कार्रवाई करते हुए 19 दिसंबर 2019 को इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ था कि 21.12.2019 को उन्होंने थाना पालम विहार के एरिया से एक कार चालक से लिफ्ट मांगी, फिर उन्होंने कार चालक के गले पर ब्लेड से हमला कर दिया व कंबल से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उसके बाद मृतक को उन्होंने शंकर चौक से हनुमान मंदिर वाले रास्ते में सड़क के साथ झाड़ियों में डालकर उसे पत्थरों से ढक दिया। उसके बाद वे मृतक का मोबाइल व उसकी गाड़ी लेकर चले गए।
पुलिस द्वारा आरोपियों की निशानदेही पर कार चालक जयपाल सिंह की लाश को झाड़ियों व पत्थरों के नीचे से निकालकर बरामद किया गया।
आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस द्वारा अभियोग में सुदृढ़ साक्ष्यों व गवाहों सहित आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की गई, जिनके आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई। न्यायालय का यह फैसला गुरुग्राम पुलिस की प्रभावी कार्यवाही, सटीक जांच और अदालत में की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम है।




