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गुरुग्राम, 11 जनवरी। गुरुग्राम पुलिस ने नकली सोना देकर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ 14 से भी अधिक ठगी व चोरी करने के मामले दर्ज हैं। उसके पास से सोने जैसे दिखने वाली धातु के 6 पताशा गोली व 40 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस थाना खेड़की दौला में शनिवार को एक व्यक्ति ने लिखित शिकायत दी। जिसमें उसने बताया कि 07.01.2026 को फोन कॉल के माध्यम से हुई बातचीत के आधार पर वह भांगरोला चौक पर 2 व्यक्तियों से मिला। जिन्होंने उसे पैसे की जरूरत होने की बात कही। उसने उनको रुपये देने से मना किया तो उन लड़कों ने उसको बताया कि उन्हें खुदाई करते वक्त सोना मिला है और इसको रुपये देने के बदले सोना (गोल्ड) देने की बात कहकर अपने जाल में फंसा लिया। फिर वो लड़के 09.01.2026 को भांगरोला चौक पर फिर मिले और उसे सोने की 7 पताशेनुमा गोली दिखाई और उससे 1 लाख रुपये लेकर चले गए। बाद में उसने जब चेक कराया तो पाया कि उसको दिया गया सोना नकली है। प्राप्त शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया।
अपराध शाखा सेक्टर-43 प्रभारी नरेन्द्र की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में रविवार को इफ्को चौक से 1 आरोपी को काबू किया, जिसकी पहचान भगवान दास (उम्र-22 वर्ष) निवासी गांव बोलीपुर विजयपुर जिला मिर्जापुर (उत्तर-प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस द्वारा आरोपी को आज अदालत में पेश करके 4 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड लिया गया।
पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी चोरी करने व ठगी करने का आदतन अपराधी है। वह (आरोपी) और उसके अन्य साथी लोगों को कहते है कि खुदाई के दौरान उन्हें सोना मिला है और इन्हें रुपयों की जरूरत है तो ये रुपयों के बदले सोना सस्ते दामों पर दे देंगे। योजनाबद्ध तरीके से ये लोगों को कहानी सुनाकर उन्हें नकली सोना देकर रुपये ठग लेते हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता से भी 1 लाख रूपये लेकर सोने जैसे दिखने वाली धातु के पताशानुमा सिक्के देकर ठगी की थी।
आरोपी के अपराधिक रिकॉर्ड के अवलोकन से ज्ञात हुआ है कि भगवान दास पर चोरी करने, ठगी करने के तहत 14 अभियोग उत्तर-प्रदेश में पहले भी अंकित है। आरोपी जिला मिर्जापुर थाना विंध्याचल का हिस्ट्रीशीटर भी है।
पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जा से सोने जैसे दिखने वाली धातु के 6 पताशेनुमा सिक्के व 40 हजार रुपये नगद बरामद किए गए हैं।
पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपी से गहनता से पूछताछ करते हुए उसके अन्य साथी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। अभियोग का अनुसंधान जारी है।




