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गुरुग्राम, 16 जनवरी। गुरुग्राम पुलिस ने जमीन का फर्जी मालिक बनकर उसे बेचने के मामले में संलिप्त दूसरे आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी तरीके से प्लॉट का मालिक बनकर उसे 1 करोड़ 83 लाख 22 हजार रुपये में बेचा था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 30.01.2025 को एक शिकायत आर्थिक अपराध शाखा-I से जांच करने के उपरान्त डाक के माध्यम से पुलिस थाना शहर सोहना में प्राप्त हुई।
जिसमें शिकायतकर्ता ने बतलाया कि उसने (विनीत कश्यप) और उसके भाई (विनोद कश्यप) ने वर्ष-1989 में गांव खत्रिका सोहना में लगभग 46 करनाल जमीन खरीदी थी। 12.08.2024 को उन्हें पता चला कि उनकी जमीन को विनीत उर्फ विपिन कश्यप (फर्जी व्यक्ति) और विनोद कश्यप (फर्जी व्यक्ति) द्वारा मालिक बनकर एवं उनके आधार कार्ड, पेन कार्ड व उनकी जमीन के फर्जी कागजात बनवाकर किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी। प्राप्त शिकायत पर पुलिस ने सम्बन्धित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया तथा अभियोग का अनुसंधान आर्थिक अपराध शाखा-I की पुलिस टीम द्वारा किया गया।
आर्थिक अपराध शाखा -I ने इस मामले में 12.11.2025 को अलीगढ़ उत्तर-प्रदेश में 1 आरोपी को गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान ओमवीर उर्फ फर्जी विनीत कश्यप (उम्र-44 वर्ष, शिक्षा-8वी) निवासी गांव चांदौस जिला अलीगढ़ (उत्तर-प्रदेश) के रूप में हुई थी।
आर्थिक अपराध शाखा -I ने इस मामले में 15.01.2026 को झांगरपुर उत्तर-प्रदेश से 1 और आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान सुरेंद्र उर्फ फर्जी विनोद कश्यप (उम्र-60 वर्ष) निवासी गांव राशुलपुर, जिला अलीगढ़ (उत्तर-प्रदेश) के रूप में हुई।
आरोपी से प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि वह गांव में ही दिहाड़ी मजदूरी का काम करता है। उसने जुलाई-2024 में अपने आरोपी साथी ओमवीर (फर्जी विनीत कश्यप) व अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर फर्जी विनोद कश्यप (शिकायतकर्ता का भाई) बनकर फर्जी आधार कार्ड तथा उपरोक्त जमीन के फर्जी कागजात तैयार करके जमीन को किसी अन्य व्यक्तियों को 1 करोड़ 83 लाख 22 हजार 500 रुपये में बेच दिया था। इस फर्जीवाड़े में ठगी की राशि में से 20 लाख रुपये उसके हिस्से में आए थे। आरोपी ने बताया कि वह शराब पीने का आदि है व कर्जे में डूबा हुआ था जिसके चलते उसने ओमवीर व अन्य साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।




