Bilkul Sateek News
Reporter: Sonu Rana
Author: Sonu Rana
गुड़गांव।
ठीक आठ साल पहले अप्रैल में सुंदर सिंह ने अपने पुराने दोस्त और कासन गांव के सरपंच बहादुर सिंह को गोली मारकर मार डाला था। अब 2026 के अप्रैल महीने के आखिरी दिन बहादुर के बेटे रोहन ने दिनदहाड़े सुंदर फौजी को गोली मारकर बदला पूरा कर दिया। फिलहाल आरोपी रोहन अपने दोस्त के साथ फरार चल रहा है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

गुरुवार सुबह कासन गांव में मौनी बाबा चौपाल के पास सुंदर कुछ लोगों के साथ बैठे थे। इसी दौरान पूर्व एनएसजी कमांडो बहादुर सिंह के बेटे रोहन और उसके एक साथी ने बाइक से आकर बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि घटना महज 10 सेकंड में हो गई। गोली लगते ही सुंदर फौजी वहीं गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
गांव में अभी भी डर का माहौल है। गांव में चर्चा है कि अप्रैल का महीना इन दोनों परिवारों के लिए खून से लिखा गया है। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है ताकि कोई और घटना न हो। वहीं मृतक के परिवार ने आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की है। वहीं पुलिस दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच तेज कर दी है।
8 साल पुरानी रंजिश
साल 2018 में 11 अप्रैल की रात सुंदर ने बहादुर सिंह की हत्या कर दी थी। दोनों 30 साल पुराने दोस्त थे। दोनों फौज में साथ नौकरी करते थे बाद में 34 लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में उनकी दोस्ती टूट गई। दोनों ने हत्या से कुछ दिन पहले साथ बैठकर शराब पी थी। इस दौरान सुंदर ने पैसे मांगे थे। जब बहादुर सिंह ने इनकार किया तो सुंदर फौजी ने गुस्से में आकर उस पर गोली चलाने की धमकी दी थी।
सरपंच को उसकी ही डेरी में मारा था
कासन गांव के सरपंच बहादुर सिंह 11 अप्रैल की रात को अपनी डेरी पर बैठे थे। इस दौरान गांव के कुछ और लोग भी मौके पर थे। तभी सुंदर वहां आ गया था। आते ही उसने सरपंच से कहा, ‘भाई आज मेरे पैसे देगा कि नहीं, सरपंच ने कहा धीरज रख लो।’ यह बात सुनते ही सुंदर ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर दनादन उस पर छह गोलियां दाग दीं। पेट और सीने पर गोली लगने से सरपंच ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। उस समय के पुलिस कर्मचारियों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के दस मिनट बाद ही आरोपी थाने पहुंच गया था। उस समय पुलिस पूछताछ में सुंदर सिंह ने बताया था कि सरपंच ने उससे करीब 34 लाख की रकम उधार ली थी। मांगने पर हर बार वह आनाकानी करता था। परेशान होकर उसने हत्या की है। बाद में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
बेटे ने लिया बदला
सुंदर सिंह अपनी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए एक महीने पहले पैरोल पर जेल से बाहर आए थे। पुलिस का कहना है कि रोहन ने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए इसी मौके का फायदा उठाया। बताया जा रहा है कि आरोपी कई दिनों से रेकी कर रहा था। 20 अप्रैल को वह सुंदर की बेटी की शादी समारोह के आसपास भी घूमता देखा गया था।




