BIlkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम, 18 अगस्त। डीएलएफ फेज-3 में अवैध निर्माण और बिना मंजूरी चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की प्रवर्तन टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। डीटीपी एन्फोर्समेंट अमित मधोलिया के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान स्टिल्ट पार्किंग में किए गए अवैध निर्माण को बुलडोजर से हटाया गया। इसके अलावा अवैध रूप से चल रहे पीजी और गेस्ट हाउस को सील किया गया। टीम ने करीब 1.5 किलोमीटर रोड ऑफ राइट (आरओडब्ल्यू) से भी अतिक्रमण हटाया।

कार्रवाई के दौरान अलग-अलग जगहों पर चार इमारतों को सील किया गया, जबकि एक भवन के स्टिल्ट एरिया में किए गए अतिरिक्त निर्माण को मौके पर ही तोड़ दिया गया।
स्टिल्ट पार्किंग में बना दिए कमरे और दूसरे एरिया: प्रवर्तन टीम डब्ल्यू-12/9 में करीब 1000 वर्ग गज के प्लॉट पर बने स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन में पहुंची। यहां स्टिल्ट एरिया का एक बड़ा हिस्सा पार्किंग की बजाय दूसरे इस्तेमाल में लिया जा रहा था। करीब 500 वर्ग मीटर क्षेत्र में प्रोजेक्टर रूम, बार रूम, बेडरूम, ड्राइंग रूम, लिफ्ट लॉबी और अतिरिक्त टॉयलेट बनाए गए थे।
मौके पर मौजूद फ्लोर मालिकों ने टीम को बताया कि बिल्डर जतिन अरोड़ा ने स्टिल्ट पार्किंग में तैयार किया गया अतिरिक्त एरिया उन्हें बेचा था। उनका कहना था कि वे पिछले दिन से बिल्डर से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फोन पर बात नहीं हो पा रही है।
विभाग के मुताबिक स्टिल्ट पार्किंग में नियमों के खिलाफ अतिरिक्त निर्माण कर उसे कमरों या दूसरी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। टीम ने मौके पर स्टिल्ट में किए गए अवैध कवर निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
28 कमरों वाले पीजी पर सीलिंग: इसके बाद टीम डब्ल्यू-5/32 पहुंची। यहां स्टिल्ट प्लस चार मंजिला इमारत में केवल स्टिल्ट प्लस दो मंजिल तक निर्माण की अनुमति थी, जबकि ऊपर की दो मंजिलों पर पीजी चलाया जा रहा था। इमारत में कुल 28 कमरे पाए गए। विभाग ने सभी कमरों को सील कर दिया।
गेस्ट हाउस की पूरी इमारत सील: डब्ल्यू-5/31 में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल वाले भवन में गेस्ट हाउस चल रहा था। निरीक्षण के दौरान यहां 10 कमरे मिले। बेसमेंट में ड्राई क्लीनिंग और लॉन्ड्री का काम भी चल रहा था। विभाग की टीम ने पूरी इमारत को सील कर दिया।
निर्माणाधीन 36 कमरे भी सील: मोलसरी-62 में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन में 36 कमरों का निर्माण चल रहा था। कमरों का काम अंतिम चरण में था और फिनिशिंग की जा रही थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी 36 कमरों को सील कर दिया।
1.5 किलोमीटर सड़क से हटाया अतिक्रमण: अभियान के दौरान करीब 1.5 किलोमीटर रोड ऑफ राइट यानी आरओडब्ल्यू से भी अतिक्रमण हटाया गया। सड़क की जमीन पर बनाए गए चार गार्ड रूम को बुलडोजर से गिराकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
स्थानीय लोगों ने कार्रवाई को बताया जरूरी: डब्ल्यू ब्लॉक में कार्रवाई के दौरान आसपास के टी ब्लॉक के करीब आधा दर्जन लोग भी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने विभाग की कार्रवाई की सराहना करते हुए अवैध निर्माण और बिना मंजूरी चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की मांग की।
डीटीपी एन्फोर्समेंट अमित मधोलिया ने कहा कि स्टिल्ट पार्किंग का इस्तेमाल वाहनों की पार्किंग के लिए होना चाहिए। स्टिल्ट में कमरे या अन्य निर्माण होने से पार्किंग की जगह कम हो जाती है और वाहन सड़क पर खड़े होने लगते हैं। इससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि अनधिकृत पीजी और गेस्ट हाउस जैसी गतिविधियों से आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।
मधोलिया ने लोगों से अपील की कि बिल्डरों द्वारा स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए अवैध कमरों या अतिरिक्त कवर एरिया को खरीदने से पहले उसकी वैधता जरूर जांचें। किसी भी संपत्ति या एरिया को खरीदने से पहले स्वीकृत नक्शे और संबंधित दस्तावेजों की जांच करना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी




