गुरुग्राम के सेक्टर-45 में स्मार्ट वाटर मीटर लगाने का काम शुरू
गुरुग्राम, 22 अक्टूबर। गुरुग्राम में पानी की खपत पर नजर रखने और जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट वाटर मीटर लगाने का काम शुरू हो गया है। नगर निगम गुरुग्राम ने इसकी शुरुआत सेक्टर-45 से की है। यहां पायलट प्रोजेक्ट के तहत अल्ट्रासोनिक स्मार्ट वाटर मीटर लगाए जा रहे हैं।

इस पहल का मकसद पानी की खपत का सही हिसाब रखना और मीटरिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाना है। पारंपरिक मीटरों की जगह नई तकनीक वाले इन मीटरों के इस्तेमाल से पानी की खपत से जुड़ा डेटा जुटाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा।
सेक्टर-45 से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट: नगर निगम ने स्मार्ट वाटर मीटर उपलब्ध कराने और उन्हें लगाने के लिए कार्यादेश जारी किया था। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अल्ट्रासोनिक मीटर लगाने के साथ हैंडहेल्ड डिवाइस के जरिए डेटा जुटाने से जुड़ी व्यवस्था भी शामिल है।
कार्यादेश के मुताबिक, मीटरों के निर्माण और स्थापना का काम 15 अक्टूबर से 14 दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है। फिलहाल सेक्टर-45 में मीटर लगाने का शुरुआती काम शुरू हो चुका है।
पानी की खपत का हिसाब रखने में मिलेगी मदद: स्मार्ट वाटर मीटर के जरिए पानी की खपत को मापने की व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे जल प्रबंधन से जुड़े आंकड़े जुटाने और मीटरिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यह अभी पायलट प्रोजेक्ट है। शुरुआती चरण में मिले अनुभवों के आधार पर आगे की प्रक्रिया को निर्धारित तकनीकी शर्तों के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।
निगम की जल प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी: निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, स्मार्ट वाटर मीटर लगाने की पहल शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में तकनीकी सुधार की दिशा में एक अहम कदम है। इसके जरिए पानी की खपत का हिसाब अधिक व्यवस्थित तरीके से रखने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
नगर निगम की इस पहल का फोकस जल प्रबंधन को बेहतर बनाने और नागरिक सेवाओं में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर है। हालांकि, परियोजना के शुरुआती चरण में इसके वास्तविक नतीजे सामने आने के बाद ही इसके प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।




