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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
1 नवंबर से दिल्ली में गैर-BS6 गाड़ियों की एंट्री बंद, दूसरे राज्यों की बसों पर भी लागू होंगे नए नियम
गुरुग्राम, 30 अक्टूबर। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने गाड़ियों की एंट्री को लेकर नए नियम लागू करने का फैसला किया है। 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में BS6 से नीचे की गाड़ियों के आने-जाने पर रोक रहेगी। इन नियमों का असर गुरुग्राम समेत पूरे NCR के उन लोगों पर भी पड़ेगा, जो रोजाना काम या किसी दूसरे काम से दिल्ली आते-जाते हैं। नए नियमों के तहत दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड गाड़ियों, ट्रकों और बसों को भी कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ेगा।

दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, BS6 से नीचे की गाड़ियों को दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी। हालांकि BS6 गाड़ियों के अलावा CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को तय नियमों के मुताबिक छूट दी गई है। ऐसे में गुरुग्राम से दिल्ली जाने वाले लोगों को अब अपनी गाड़ी का BS स्टैंडर्ड चेक करना जरूरी होगा।
दूसरे राज्यों की गाड़ियों पर भी रहेगी नजर: नए नियमों के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ट्रकों और दूसरी गाड़ियों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा। हालांकि BS6, CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इससे छूट मिलेगी। इसका असर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से दिल्ली आने वाले वाहन चालकों पर भी पड़ सकता है।
खासकर गुरुग्राम से रोजाना दिल्ली जाने वाले लोगों को अपनी गाड़ी के कागजात और BS मानक की जानकारी पहले से रखनी होगी। बिना नियमों की जानकारी के दिल्ली जाने पर बॉर्डर पर परेशानी हो सकती है।
BS6 गाड़ी है तो भी PUC होना जरूरी: दिल्ली में एंट्री के लिए गाड़ी का BS6 होना ही काफी नहीं है। वाहन के पास वैध PUC यानी प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र भी होना जरूरी है। अगर आपकी गाड़ी BS6 है, लेकिन PUC की वैधता खत्म हो चुकी है, तो भी दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी।
इसलिए दिल्ली जाने से पहले अपने PUC की तारीख जरूर चेक कर लें। अगर प्रमाणपत्र एक्सपायर हो गया है तो समय रहते नया PUC बनवा लें।
दूसरे राज्यों की पुरानी डीजल बसों की एंट्री पर भी रोक
नए नियमों में दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाली डीजल बसों को लेकर भी सख्ती की गई है। BS6 से नीचे की डीजल बसों को दिल्ली में आने की अनुमति नहीं होगी। यानी दूसरे राज्यों से चलने वाली पुरानी डीजल बसों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। बस संचालकों को भी अपने वाहनों का BS स्टैंडर्ड चेक करना होगा।
दिल्ली जाने वाले ट्रकों को अपनाना होगा दूसरा रास्ता: दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए उन ट्रकों पर भी रोक लगाई गई है, जिनका दिल्ली में कोई काम नहीं है और जो सिर्फ शहर से होकर दूसरे राज्यों में जाते हैं। ऐसे ट्रकों को दिल्ली के अंदर जाने के बजाय ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE), वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (WPE) या दूसरे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना होगा।
इससे दिल्ली की सड़कों पर ट्रकों की संख्या कम होगी और प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से की अपील: गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों, ट्रांसपोर्टरों, बस संचालकों और कमर्शियल वाहन मालिकों से नए नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि दिल्ली जाने से पहले अपनी गाड़ी का BS स्टैंडर्ड, रजिस्ट्रेशन और PUC जरूर चेक कर लें।
खासकर जो लोग रोजाना गुरुग्राम से दिल्ली नौकरी या कारोबार के लिए जाते हैं, वे 1 नवंबर से पहले अपनी गाड़ी से जुड़े सभी दस्तावेज पूरे कर लें। नए नियमों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि दिल्ली में एंट्री के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
दिल्ली और NCR में प्रदूषण लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन की ओर से उठाए जा रहे कदमों के साथ आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है। वाहन चालक नियमों का पालन करें और प्रदूषण कम करने में अपनी भूमिका निभाएं।




