गुरुग्राम में हथियारों के साथ दो बदमाश गिरफ्तार, 5 पिस्टल और 11 मैगजीन बरामद
6 साल जेल में रहने के बाद दिसंबर 2025 में जमानत पर बाहर आया था मुख्य आरोपी दीपक, गुरुग्राम, सोनीपत, रेवाड़ी और दिल्ली में दर्ज हैं 8 आपराधिक मामले
गुरुग्राम, 30 अक्टूबर। गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-40 ने अवैध हथियारों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 पिस्टल, 11 मैगजीन और एक कार बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक (27) निवासी जाटी कलां, जिला सोनीपत और राहुल (28) निवासी नांगल कलां, जिला सोनीपत के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, 29 अक्टूबर को अपराध शाखा सेक्टर-40 की टीम को अपने विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि दो युवक कार में अवैध हथियार लेकर घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही उप-निरीक्षक ललित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की और सेक्टर-112, बजघेड़ा इलाके में दोनों युवकों को कार सहित काबू कर लिया। तलाशी लेने पर कार से 5 पिस्टल और 11 मैगजीन बरामद हुईं।
इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना बजघेड़ा में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
6 साल तक जेल में रहा दीपक, जमानत पर बाहर आते ही गिरोह बनाने की तैयारी: पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपी दीपक साल 2019 से 2025 तक हत्या और अन्य आपराधिक मामलों में जेल में बंद रहा था। दिसंबर 2025 में हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया था। पुलिस के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद दीपक ने अपना गिरोह बनाने की योजना शुरू कर दी थी। इसके लिए उसने अपने गांव के आसपास के कुछ युवकों को साथ जोड़ना शुरू किया, जिनमें गिरफ्तार आरोपी राहुल भी शामिल था।
पुलिस का दावा है कि दीपक का कुछ लोगों के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। पैसे वापस नहीं मिलने के कारण उनके बीच रंजिश बढ़ गई थी। दीपक इन लोगों पर हमला करने की तैयारी में था।
3 लाख रुपये में मध्य प्रदेश से खरीदे थे हथियार:पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला कि दीपक ने मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से करीब 3 लाख रुपये में ये हथियार खरीदे थे। पुलिस के अनुसार, हथियार खरीदने के पीछे उसकी कई पुरानी रंजिशें भी थीं।
बताया गया है कि साल 2015 में सोनीपत में दीपक के बुआ के बेटे की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का बदला लेने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा साल 2018 में दीपक ने कथित तौर पर आपसी झगड़े में अपने ही गांव के सतबीर नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद सतबीर के बेटों के साथ भी उसकी दुश्मनी चल रही थी। पुलिस के मुताबिक, दीपक को आशंका थी कि सतबीर के बेटे उसकी हत्या का बदला ले सकते हैं। इसी वजह से वह हथियार अपने पास रखना चाहता था।
दिल्ली की लूट की वारदात में भी हथियार पहुंचाने का आरोप: पुलिस पूछताछ में एक और अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, दीपक ने दिल्ली के द्वारका इलाके में हुई छीना-झपटी और लूट की एक वारदात के मुख्य आरोपी को भी हथियार उपलब्ध कराए थे। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक वारदात में तो नहीं किया गया।
चार जिलों में दर्ज हैं दीपक पर 8 आपराधिक मामले: पुलिस के अनुसार, आरोपी दीपक का आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा है। उसके खिलाफ गुरुग्राम, सोनीपत, रेवाड़ी और दिल्ली में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, चोरी, फिरौती के लिए अपहरण और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कुल 8 मामले दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही हथियारों की खरीद-फरोख्त, उनके नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।