Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम के सुशांत लोक-1 में बुधवार को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने अतिक्रमण और रिहायशी मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन अमित मधोलिया के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान सुशांत आर्केड मार्केट के कॉमन एरिया से 7-8 खोखे समेत कई तरह के अतिक्रमण हटाए गए। वहीं, बी ब्लॉक की मुख्य सड़क पर रिहायशी मकानों में चल रहे PG, गेस्ट हाउस, अस्पताल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर भी कार्रवाई की गई।
विभाग की टीम ने बी ब्लॉक में कई मकानों की जांच की। इस दौरान छह मकानों को सील किया गया, जबकि एक मकान पर कोर्ट से स्टे होने के कारण सीलिंग की कार्रवाई नहीं की गई।

गेस्ट हाउस से लेकर अस्पताल तक पर कार्रवाई: विभाग के मुताबिक मकान नंबर B-718 में चल रहे गेस्ट हाउस को सील किया गया। वहीं B-721 में दो मंजिलों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित मिलीं। यहां रियल एस्टेट ऑफिस और मिस्ट्री रूम्स गेमिंग एरिया समेत अन्य गतिविधियों पर कार्रवाई की गई।
B-723 पर कोर्ट का स्टे होने के कारण सीलिंग नहीं की गई। B-724 में 16 कमरों वाला गेस्ट हाउस चलता मिला। यहां स्टिल्ट पार्किंग में किए गए अवैध निर्माण को भी बुलडोजर से हटाया गया।
इसी तरह B-728 में फिजियोथेरेपी सेंटर समेत कई व्यावसायिक गतिविधियां संचालित मिलीं। यहां सीलिंग के साथ स्टिल्ट पार्किंग में किए गए अवैध निर्माण को भी तोड़ा गया। वहीं B-92 में संचालित अस्पताल पर कार्रवाई करते हुए स्टिल्ट में किए गए अवैध निर्माण को हटाया गया। B-91 में चल रहे गेस्ट हाउस को भी सील किया गया।
सुशांत आर्केड मार्केट में भी चला बुलडोजर: अभियान के दौरान सुशांत लोक-1 के सुशांत आर्केड मार्केट में भी कार्रवाई की गई। यहां कॉमन एरिया में खोखे लगाकर किए गए अतिक्रमण को बुलडोजर की मदद से हटाया गया। करीब 7-8 खोखों के अलावा दूसरे अतिक्रमण भी हटाकर कॉमन एरिया को खाली कराया गया।
रिहायशी मकानों में कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती: टाउन प्लानिंग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में रिहायशी मकानों का मंजूर उपयोग के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करना, बिना अनुमति PG और गेस्ट हाउस चलाना तथा स्टिल्ट पार्किंग में अवैध निर्माण करना नियमों के खिलाफ है।
विभाग ने साफ किया है कि सर्वे और जांच के दौरान ऐसे मामले सामने आने पर नोटिस, सीलिंग और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी हवाला: विभाग की ओर से बताया गया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी एक मामले में रिहायशी इमारतों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग के अनुसार, इस मामले में अदालत के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जा रही है और 23 नवंबर तक रिपोर्ट भी पेश की जानी है।
अमित मधोलिया, डीटीपीई, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने कहा कि नियमों के खिलाफ रिहायशी मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।




