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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम, 29 सितंबर। गुरुग्राम पुलिस की ERV-265 टीम ने समय पर मौके पर पहुंचकर एक महिला को अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बचाने में मदद मिली। महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसके पति ने अस्पताल से ही पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर मदद मांगी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना देर किए मौके पर पहुंच गई।

मामला 28 सितंबर की सुबह करीब 5:45 बजे का है। सेक्टर-23 इलाके में करीब 35 वर्षीय महिला अपनी कार से जा रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी और उसे बेहोशी जैसा महसूस हुआ। महिला ने तुरंत अपने पति को फोन कर अपनी हालत बताई।
महिला का पति खुद लिवर संबंधी बीमारी के चलते मेदांता अस्पताल में भर्ती था। पत्नी की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद उसने वहीं से पुलिस की आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क किया और मदद मांगी।
सूचना मिलते ही ERV-265 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने महिला की स्थिति को देखते हुए बिना समय गंवाए उसे नजदीकी मनीपाल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि महिला के गर्भाशय से जुड़ी समस्या के कारण उसे अंदरूनी रक्तस्राव हो रहा था।
डॉक्टरों के मुताबिक, महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी था। अगर इलाज में देरी होती तो उसकी हालत गंभीर हो सकती थी। ऐसे में पुलिस टीम की समय पर की गई कार्रवाई काफी अहम साबित हुई।
अस्पताल पहुंचकर पुलिस टीम ने फिर जाना हाल
महिला को अस्पताल पहुंचाने के बाद ERV-265 की टीम ने दोबारा अस्पताल जाकर उसका हालचाल भी जाना। टीम में EASI दिनेश, EASI कृष्ण, सिपाही रवि कुमार और SPO करतार सिंह शामिल थे।
पुलिस टीम की इस तत्परता की महिला के परिजनों ने भी सराहना की। उन्होंने कहा कि 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिसकर्मी बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचे और महिला को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। परिजनों ने गुरुग्राम पुलिस का आभार जताया।
पुलिस आयुक्त ने टीम को रिवॉर्ड देने की घोषणा की
घटना में ERV-265 टीम की त्वरित कार्रवाई और मानवीय रवैये को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस आयुक्त ने पूरी टीम को विशेष रिवॉर्ड देने की घोषणा की है।
गुरुग्राम पुलिस की ERV टीमें आपात स्थिति में मौके पर पहुंचकर लोगों को तत्काल मदद उपलब्ध कराने का काम करती हैं। इस मामले में भी सूचना मिलते ही टीम ने तेजी से कार्रवाई की और महिला को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी।




