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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम में किराएदार ने पुलिसकर्मी की 11 साल की पोती को किया अगवा, नवी मुंबई से बरामद
गुरुग्राम: गुरुग्राम में भरोसे का फायदा उठाकर एक किराएदार ने मकान मालिक की 11 साल की पोती को अगवा कर लिया। आरोपी करीब डेढ़ महीने तक बच्ची को अपने साथ नवी मुंबई में रखे रहा। इस दौरान बच्ची को कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया और उसके साथ यौन उत्पीड़न भी किया गया। बच्ची के शरीर पर चोटों के कई निशान मिले हैं।

हरियाणा पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने 5 नवंबर को कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और बच्ची को सकुशल उसके कब्जे से छुड़ा लिया। आरोपी बच्ची के परिवार के मकान में ही किराए पर रहता था। ऐसे में परिवार को उस पर भरोसा था, जिसका फायदा उठाकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
तीन-चार महीने पहले मकान में रहने आया था आरोपी: पुलिस के मुताबिक, करीब 35 साल का आरोपी दिहाड़ी मजदूरी करता है। वह लगभग तीन-चार महीने पहले बच्ची के परिवार के मकान में किराए पर रहने आया था। इसके बदले वह बच्ची के पिता को हर महीने 1,000 रुपये किराया देता था।
धीरे-धीरे आरोपी ने परिवार के साथ अपनी जान-पहचान बढ़ा ली। बच्ची के पिता से भी उसके अच्छे संबंध बन गए। इसी दौरान उसने बच्ची का विश्वास भी जीत लिया। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इसी भरोसे का फायदा उठाकर बच्ची को अपने साथ ले जाने की योजना बनाई।
बच्ची को लेकर नवी मुंबई पहुंचा, खुद रेस्टोरेंट में करने लगा काम: करीब छह सप्ताह पहले आरोपी बच्ची को अपने साथ लेकर गुरुग्राम से निकल गया। इसके बाद वह उसे लेकर नवी मुंबई पहुंच गया। वहां उसने एक रेस्टोरेंट में काम करना शुरू कर दिया।
आरोपी आसपास के लोगों को बच्ची का परिचय अपनी बेटी के रूप में देता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। दूसरी तरफ बच्ची अपने परिवार से दूर रहने को मजबूर थी।
बताया जा रहा है कि बच्ची ने नवी मुंबई में रहते हुए पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क कर मदद मांगने की कोशिश भी की थी, लेकिन उस समय उसकी बात नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस लगातार मामले की जांच और बच्ची की तलाश में जुटी रही।
बरामदगी के बाद शरीर पर मिले चोटों के निशान: 5 नवंबर को हरियाणा पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने आरोपी को गिरफ्तार कर बच्ची को उसके कब्जे से छुड़ा लिया। बच्ची को वापस लाने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। जांच में उसके शरीर पर चोटों के कई निशान मिले।
बच्ची ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे परिवार से दूर ले गया था और वहां उसके साथ मारपीट व प्रताड़ना की गई। आरोप है कि इस दौरान बच्ची का यौन उत्पीड़न भी किया गया। पुलिस ने बच्ची के बयान और मेडिकल जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की।
पॉक्सो एक्ट के तहत भी बढ़ाई गईं धाराएं: इस मामले में शुरुआत में गुरुग्राम के बजघेड़ा थाने में अपहरण से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। बच्ची की बरामदगी के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने भी बयान दर्ज करवाए गए।
बच्ची के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने केस में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धाराएं भी जोड़ दी हैं। फिलहाल आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




