Image source : social media
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 19 नवंबर। गुरुग्राम की एक सत्र अदालत ने लड़ाई-झगड़े के दौरान जानलेवा चोट मारने की वारदात को अंजाम देने वाले 2 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद (कठोर कारावास) और जुर्माने की सजा सुनाई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस थाना बिलासपुर में 2 मई 2018 को एक शिकायत में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया गया था कि एक मई को उसकी बहन ने बताया था कि उसके साथ शौकीन ने गलत काम किया है। जब वह अपने पिता के साथ शौकीन के घर पर गए तब वहां पर जाकिर, शौकीन, जफरू, साहुन और हसीना मौजूद थे। उसके पिता शौकीन के पिता जाकिर से बात करने लगे, तभी साहुन ने घर का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद शौकीन व जफरू उसके पिता और उसे रॉड, डंडों से मारने लगे और दोनों को जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों शौकीन और जफरू दोनों निवासी गांव ऊटोन कलां जिला गुरुग्राम (हरियाणा) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ सभी आवश्यक साक्ष्य और गवाह अदालत में पेश किए।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान की अदालत ने चार्जशीट, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आज दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपियों को धारा 307, 34 आईपीसी के तहत 10 साल की कैद (कठोर कारावास) 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 323, 34 आईपीसी के तहत 6 माह की कैद व 5 हजार रुपये का जुर्माना और धारा 506, 34 आईपीसी के तहत 2 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।




