गुरुग्राम, 11 फरवरी।
गुरुग्राम में विकास कार्यों की समीक्षा: शहरी मॉनिटरिंग कमेटी गठित, जेई स्तर पर तय होगी जवाबदेही
रेलवे स्टेशन विकास, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, बूस्टिंग स्टेशन और पर्यावरण मानकों के अनुपालन पर विशेष जोर
हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार श्री डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में बुधवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला स्तरीय समन्वय समिति की सातवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में गुरुग्राम जिले में प्रगति पर चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में वर्ष 2026 के सड़क मरम्मत कार्यक्रम, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के पालन, सेक्टर-72 स्थित जीएमडीए बूस्टिंग स्टेशन के शीघ्र संचालन, वाटिका चौक से जयपुर राजमार्ग तक मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण, गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के विकास और कनेक्टिविटी सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही स्टॉर्म वाटर ड्रेनों में अवैध सीवरेज और औद्योगिक अपशिष्ट प्रवाह के मामलों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उपायुक्त अजय कुमार, नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह, नगर निगम मानेसर के आयुक्त प्रदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शहरी मॉनिटरिंग प्रणाली पर विशेष जोर
श्री डी.एस. ढेसी ने शहर में सीवरेज ओवरफ्लो, पेयजल पाइपलाइन लीकेज, स्वच्छता, अतिक्रमण और इंजीनियरिंग संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक सशक्त मॉनिटरिंग तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। इस उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें एचएसवीपी, नगर निगम और जीएमडीए सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समिति का प्रमुख दायित्व जूनियर इंजीनियर स्तर पर जवाबदेही तय करना होगा। प्रत्येक जेई के कार्यक्षेत्र की भौगोलिक सीमा निर्धारित की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उसके अधीन कितने किलोमीटर क्षेत्र आता है। प्रत्येक तीन दिन में जेई को अपने क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण कर समस्याओं की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रस्तुत करनी होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य समस्याओं की प्रारंभिक पहचान और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
बूस्टिंग स्टेशन और ड्रेनेज परियोजनाओं की समीक्षा
सेक्टर-72 स्थित जीएमडीए बूस्टिंग स्टेशन के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी कि द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है और स्टेशन को मार्च के प्रथम सप्ताह तक चालू करने की संभावना है।
इसी प्रकार सदर्न पेरिफेरल रोड के साथ वाटिका चौक से एनएच-48 तक मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कार्य 31 मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। श्री ढेसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन किया जाए।
रेलवे स्टेशन विकास पर फोकस
बैठक में गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रस्तावित योजना में स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार का निर्माण और पैदल यात्री आवाजाही की व्यवस्था को सुदृढ़ करना शामिल है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्टेशन क्षेत्र के लिए एक समग्र और एकीकृत कनेक्टिविटी योजना तैयार की जाए, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
अवैध सीवरेज और प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई
सेक्टर 66/67 में एक कॉलोनाइज़र द्वारा स्टॉर्म वाटर ड्रेन में अवैध सीवरेज प्रवाह के मामले पर गंभीर चर्चा हुई। अध्यक्ष ने अवैध कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काटने और संबंधित कॉलोनाइज़र को विधिवत सीवरेज कनेक्शन के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए। अंतरिम व्यवस्था के तहत सीवरेज को निर्धारित एसटीपी तक पहुंचाकर उपचारित करने की जिम्मेदारी तय की गई।
इसके अतिरिक्त हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आरएमसी संयंत्रों और निर्माण स्थलों, विशेषकर खुदाई कार्यों से जुड़े क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि सीवरेज टैंकर खुले क्षेत्रों में अवैध रूप से अपशिष्ट का निस्तारण करते पाए जाते हैं, तो संबंधित रिपोर्ट के आधार पर सोसायटी या संस्था के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि गुरुग्राम में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ जवाबदेही, पारदर्शिता और पर्यावरणीय मानकों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।



