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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
हरियाणा STF को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। STF ने कुख्यात गैंगस्टर वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से भारत प्रत्यर्पित करवा लिया है। खास बात यह है कि जॉर्जिया से भारत को किया गया यह पहला प्रत्यर्पण बताया जा रहा है।

वेंकट गर्ग पर हरियाणा और चंडीगढ़ में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और संगठित अपराध से जुड़े कुल 34 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वह दिसंबर 2024 में भारत छोड़कर पहले UAE भाग गया था और बाद में जॉर्जिया पहुंच गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। जानकारी मिलने के बाद उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया। इसके बाद STF ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC), इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं शुरू कीं।
STF के IGP सतीश बालन ने बताया कि वेंकट गर्ग एक संगठित अपराधी गिरोह का सरगना है, जिसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाकर उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और आखिरकार उसे भारत वापस लाने में सफलता मिली।
पुलिस के मुताबिक वेंकट गर्ग करीब 53 सदस्यों वाले गैंग को संचालित करता था। यह गैंग अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ समेत कई इलाकों में सक्रिय रहा है। गैंग पर हत्या, रंगदारी वसूली और फायरिंग जैसी कई वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं।
नारायणगढ़ में BSP नेता हरबिलास की हत्या और रंगदारी से जुड़े कई शूटआउट मामलों में भी इस गैंग का नाम सामने आया था। पुलिस का कहना है कि विदेश भागने के बाद भी वेंकट गर्ग का नेटवर्क सक्रिय रहा और उसके सहयोगियों के जरिए आपराधिक गतिविधियां जारी रहीं। इसी दौरान उसके खिलाफ 11 नए मामले भी दर्ज किए गए।
भारत सरकार, इंटरपोल, CBI, NCB और जॉर्जिया की एजेंसियों के सहयोग से आरोपी को हिरासत में लेकर भारत लाया गया। IGP सतीश बालन ने कहा कि यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। उन्होंने साफ कहा कि विदेश में छिपकर कोई भी अपराधी कानून से ज्यादा दिनों तक नहीं बच सकता।
वेंकट गर्ग का प्रत्यर्पण हरियाणा STF की बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है। साल 2026 में STF द्वारा सुनिश्चित किया गया यह दसवां प्रत्यर्पण है। अब जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान उसके गैंग, फंडिंग नेटवर्क और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।




