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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
भारत 17 जुलाई को रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। इस दिन हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत होने वाली है। अगर तय कार्यक्रम के अनुसार सब कुछ होता है, तो हरियाणा देश का पहला राज्य बन जाएगा जहां हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू होगा।

यह सिर्फ एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं होगी, बल्कि भारतीय रेलवे के हरित और आधुनिक भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस परियोजना को केंद्र सरकार की ग्रीन एनर्जी और आधुनिक परिवहन की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं हरियाणा सरकार का कहना है कि राज्य इस महत्वाकांक्षी पहल का पहला केंद्र बनने जा रहा है।
हाइड्रोजन ट्रेन फ्यूल सेल तकनीक पर काम करती है। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली बनाई जाती है, जिससे ट्रेन चलती है।
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें डीजल की जरूरत नहीं पड़ती और संचालन के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन लगभग नहीं होता। इसके बजाय केवल जलवाष्प निकलती है। इसी वजह से इसे पर्यावरण के अनुकूल रेल तकनीक माना जाता है।
हाइड्रोजन ट्रेन उन रेल मार्गों पर काफी उपयोगी मानी जाती है जहां अभी तक ओवरहेड बिजली लाइनें नहीं हैं। ऐसे क्षेत्रों में बिना बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के स्वच्छ और आधुनिक रेल सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर प्रस्तावित है। इस शुरुआत के साथ भारतीय रेलवे नई तकनीक अपनाने वाले देशों की सूची में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा।
17 जुलाई भारतीय रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण दिन माना जा रहा है। यदि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन का संचालन शुरू होता है, तो यह भारत की स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
इस परियोजना को केंद्र और हरियाणा सरकार की संयुक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित विकास के विजन और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा की विकास यात्रा का अहम पड़ाव है। वहीं इसकी वास्तविक सफलता का आकलन संचालन शुरू होने के बाद इसके प्रदर्शन और विस्तार के आधार पर किया जाएगा।




