Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम में प्रदूषण पर सख्ती, 50% कर्मचारियों को करना होगा वर्क फ्रॉम होम
गुरुग्राम, 5 नवंबर। गुरुग्राम में लगातार बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता को देखते हुए प्रशासन ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सख्ती शुरू कर दी है। हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने संबंधित विभागों को साफ निर्देश दिए हैं कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से जारी सभी नियमों का गंभीरता से पालन कराया जाए। इसमें निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल रोकने, सड़कों की नियमित सफाई, वर्क फ्रॉम होम और वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच जैसे अहम कदम शामिल हैं।

डीएस ढेसी बुधवार को गुरुग्राम के लघु सचिवालय में आयोजित 14वीं जिलास्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने कहा कि शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए नगर निगम, जीएमडीए, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े आदेशों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
500 वर्ग गज से बड़े निर्माण स्थलों पर लगाना होगा एयर क्वालिटी मॉनिटर: बैठक में निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल को प्रदूषण की बड़ी वजह मानते हुए डीएस ढेसी ने खास निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 500 वर्ग गज से बड़े सभी निर्माण स्थलों का संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी होगा। इसके साथ ही इन जगहों पर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाना होगा, ताकि वहां की हवा की गुणवत्ता पर नजर रखी जा सके।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को ऐसे निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी जांचा जाएगा कि निर्माण स्थल का पंजीकरण हुआ है या नहीं और वहां प्रदूषण की निगरानी के लिए जरूरी उपकरण मौजूद हैं या नहीं।
सड़कों की सफाई के लिए पांच नई मैकेनाइज्ड मशीनें किराये पर लेगा जीएमडीए: गुरुग्राम की सड़कों पर जमा धूल और वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली मिट्टी भी वायु प्रदूषण बढ़ा रही है। इसे नियंत्रित करने के लिए बैठक में मैकेनिकल स्वीपिंग यानी मशीनों से सड़कों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
डीएस ढेसी ने नगर निगम गुरुग्राम को निर्देश दिए कि मैकेनिकल स्वीपिंग के काम की नियमित निगरानी की जाए और इसके लिए संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
वहीं, जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि प्राधिकरण अपने अधिकार क्षेत्र की प्रमुख सड़कों की सफाई के लिए पांच मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनें किराये पर लेने जा रहा है। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम गुरुग्राम अपनी मशीनों के संचालन और सड़कों की सफाई का शेड्यूल जीएमडीए के साथ साझा करेगा। इससे दोनों एजेंसियां बेहतर तालमेल के साथ काम कर सकेंगी और एक ही सड़क पर सफाई व्यवस्था को लेकर दोहराव या कमी जैसी स्थिति नहीं बनेगी।
GRAP हटने के बाद होंगी सड़कों की मरम्मत: बैठक में जीएमडीए की ओर से बताया गया कि सड़कों की मरम्मत के काम GRAP प्रतिबंध हटने के बाद किए जाएंगे। हालांकि, फुटपाथों के सौंदर्यीकरण और सुधार से जुड़े काम जारी रहेंगे।
डीएस ढेसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत और निर्माण से जुड़े किसी भी काम के दौरान धूल को फैलने से रोकने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। काम के दौरान ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिए जिससे आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाए।
सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम: प्रदूषण कम करने के लिए प्रशासन ने सरकारी और निजी संस्थानों में वर्क फ्रॉम होम के नियम पर भी सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। डीएस ढेसी ने जिला प्रशासन से कहा कि दोनों तरह के संस्थानों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए घर से काम करने के प्रावधान का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
इस कदम का मकसद सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना और ट्रैफिक के दबाव को घटाना है, ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सके।
बिना PUC प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण के लिए पेट्रोल पंपों पर भी सख्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएस ढेसी ने कहा कि केवल वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को ही पेट्रोल और डीजल दिया जाए।
जिला प्रशासन को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के लिए कहा गया है। इसका उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगाम लगाना और सड़कों पर चलने वाले वाहनों की प्रदूषण जांच को बढ़ावा देना है।
विभागों को मिलकर करना होगा काम: बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की प्रशासक वैशाली सिंह, मानेसर नगर निगम के आयुक्त प्रदीप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त सोनू भट्ट, नगर निगम गुरुग्राम के मुख्य अभियंता विजय ढाका, एसीपी ट्रैफिक इंद्रजीत और चीफ टाउन प्लानर संजीव मान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
डीएस ढेसी ने बैठक के अंत में कहा कि गुरुग्राम में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सभी विभागों को जमीन पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। केवल आदेश जारी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और पालन भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि CAQM की गाइडलाइन के तहत तय किए गए सभी कदम समय पर लागू किए जाएं, ताकि शहर की हवा को साफ रखने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आ सकें।




