गुरुग्राम में भव्यता से मना विजयादशमी पर्व, रामलीला और रावण दहन ने मोहा मन
गुरुग्राम। गुरुग्राम कल्चरल फ़ाउंडेशन की ओर से 20 अक्टूबर को सेक्टर-64, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड स्थित ORANA Convention में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। ‘भक्त वत्सल श्रीराम’ थीम पर आयोजित इस समारोह में रामायण की मनोहारी लीला, रावण दहन, डिजिटल आतिशबाज़ी, श्रीराम राज्याभिषेक और गरबा उत्सव मुख्य आकर्षण रहे। कार्यक्रम में फ़ाउंडेशन के सदस्यों, उनके परिवारों और शहर के गणमान्य लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद हरिवंश पंडित जी और उनकी टीम ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया। कलाकारों ने प्रभु श्रीराम के जीवन, आदर्शों और धर्म की विजय का संदेश अपनी प्रस्तुतियों के जरिए दिया। रावण दहन और डिजिटल आतिशबाज़ी ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा, जबकि श्रीराम राज्याभिषेक की प्रस्तुति ने समारोह को यादगार बना दिया।
पवन जिंदल और मीना जिंदल रहे मुख्य अतिथि: समारोह में पवन जिंदल और मीना जिंदल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार, मीना जिंदल उत्तर क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रांत संघ चालक हैं। विशिष्ट अतिथियों में प्रताप सिंह, विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन, राम अवतार गर्ग, शरद गोयल, कृष्ण कुमार गुप्ता और महेंद्र शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
महेंद्र लाहोरिया ने अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनदीप किशोर गोयल ने किया, जबकि कमल अग्रवाल ने स्वागत संबोधन में सभी अतिथियों और परिवारों का अभिनंदन किया। उन्होंने विजयादशमी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला।
रामलीला, राज्याभिषेक और गरबा ने बांधा समां: रामायण के प्रसंगों के मंचन ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा। रावण दहन के साथ डिजिटल आतिशबाज़ी ने उत्सव का रोमांच बढ़ाया। इसके बाद श्रीराम राज्याभिषेक की प्रस्तुति ने मर्यादा, सत्य और आदर्श शासन का संदेश दिया। रंग-बिरंगे परिधानों में गरबा और डांडिया करते लोगों ने समारोह में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम में बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया। परिवारों की सक्रिय भागीदारी से आयोजन में उत्सव के साथ-साथ आपसी मेलजोल और सांस्कृतिक जुड़ाव की झलक भी देखने को मिली।
फ़ाउंडेशन के सदस्यों और आयोजन टीम का रहा अहम योगदान: समारोह को सफल बनाने में गुरुग्राम कल्चरल फ़ाउंडेशन के सदस्यों और आयोजन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आयोजन मंडली में कुलभूषण सरावगी, कृष्ण सिंगला, गुरुप्रसाद गुप्ता, प्रेम प्रकाश गुप्ता, डॉ. कृष्ण अग्रवाल, कृष्ण गोरखपुरिया, राम बिलास गोयल, राजकमल सिंगला, कमल अग्रवाल, सोम गर्ग, राम कुमार बंसल, सीए राकेश अग्रवाल, डॉ. मनदीप किशोर गोयल, राजन गोयल, संजय गोयल, सुभाष जैन, हनुमान गुप्ता, धीरज रावलवासिया, अमित मित्तल, अनिल गोयल, अतुल गोयल, सीए अशोक कुमार गोयल, संजीव अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, पंकज गुप्ता, विकास गुप्ता, संजय गर्ग (बिट्टू), अरुण जैन, सीए अमित बंसल, सतीश तायल और महेंद्र लाहोरिया (संयोजक) शामिल रहे।
इसके अलावा राजेश गोयल, मोहित सिंगला, विक्रम गुप्ता, अमित लाहोरिया, ललित गुप्ता, जितेंद्र सरावगी, मोहन गुप्ता, नवदीप गुप्ता, अभिषेक सिंगला, समीर अग्रवाल, सीए मनीष गोयल और डॉ. पंकज अग्रवाल ने भी आयोजन में विशेष योगदान दिया।
श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश: समारोह के समापन पर अतिथियों, सदस्यों, उनके परिवारों, कलाकारों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान विजयादशमी के संदेश को साझा करते हुए कहा गया कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ-साथ अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और नकारात्मकता को दूर करने की प्रेरणा भी देता है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाना ही इस पर्व की वास्तविक सार्थकता है।
फ़ाउंडेशन का संदेश “‘सदैव साथ-साथ’” पूरे आयोजन में नजर आया। समारोह ने भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन गरबा, डांडिया और प्रभु श्रीराम के जयघोष के साथ हुआ।
गुरुग्राम कल्चरल फ़ाउंडेशन ने सभी सहयोगियों और उपस्थित परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए भारतीय परंपराओं और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।
सदैव साथ-साथ।




