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गुरुग्राम, 28 सितंबर। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने गुरुग्राम के अप्पूघर प्रोजेक्ट के पुनरुद्धार का रास्ता साफ करते हुए सभी अपीलों को खारिज कर दिया है। इससे यहां के 1200 आवंटियों को राहत मिली है।
अब इन आवंटियों को ड्रॉ में फिर से शामिल किया जाएगा। जो उन लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट में निवेश किया था और एक दशक से प्रॉपर्टी के इंतजार में थे।
आवंटियों के अनुसार एम3एम और भूटानी समूह जैसे कुछ प्रसिद्ध बिल्डरों ने भी समाधान प्रक्रिया में रुचि दिखाई थी, लेकिन न्यायाधिकरण ने कानूनी बाधाओं के कारण उनके प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया था।
दरअसल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने अप्पूघर प्रबंधन द्वारा लीज रेंट का भुगतान न करने का हवाला देते हुए सितंबर 2022 में इसे सील कर दिया था, लेकिन एनसीएलटी ने 13 मार्च 2024 के आदेश के तहत उनके लीज रद्द करने के आदेश को खारिज कर दिया था।
साल 2018 में हरि ग्लोबल एलएलपी को प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से सफल समाधान आवेदक के रूप में चुना गया था। हांलाकि कुछ रियल एस्टेट आवंटियों और थर्ड पार्टी द्वारा आपत्तियों के कारण योजना के एक्जीक्यूशन में 6 साल की देरी हुई।
इस दौरान परियोजना ठप रही और जिन दुकान खरीददार लोगों ने अपनी जमा-पूंजी यहां लगाई थी, वे आर्थिक संकट में फंस गए थे। हरि ग्लोबल एलएलपी के प्रबंध भागीदार अरुण शर्मा ने 6 वर्ष तक इस मामले को लगातार आगे बढ़ाया।
वरिष्ठ वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने 1,200 से ज्यादा दुकान खरीददारों की परेशानी के मुद्दे को उठाया, जो दुकान के आवंटन के लिए 10 साल से ज्यादा समय से इंतजार कर रहे थे। अब ट्रिब्यूनल ने दलीलें स्वीकार कर लीं और सभी अपीलों और आपत्तियों को खारिज कर दिया।




