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गुरुग्राम, 1 जनवरी। गुरुग्राम जिले में एक व्यक्ति को 10 लाख रुपये का लोन दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। आरोपी ने न लोन दिलाया और न ही पीड़ित के पैसे वापस किए, उल्टा फोन बंद कर लिया। भिवानी जिले के गांव सोहनसारा निवासी अनिल कुमार की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
अनिल कुमार ने बताया कि वह गुरुग्राम में दयानंद कॉलोनी के किराए के मकान में रहता है। वह गुरुग्राम में अपना कारोबार शुरू करने के लिए लोन लेना चाहता था। पिछले साल जून-जुलाई में इंस्टाग्राम पर ‘deepakgromo’ नाम की आईडी देखी, जहां हर प्रकार के लोन दिलाने का विज्ञापन था। उसमें मोबाइल नंबर दिया गया था। उसने उस नंबर पर कॉल किया और लोन की बात की।
उसके पास क्रेडिट बी ऐप पर 1.55 लाख रुपये का लोन चल रहा था। ठग ने खुद को दीपक बताते हुए कहा कि वह 10 लाख रुपये का लोन दिला देगा। इसके लिए मौजूदा लोन क्लियर करना होगा, जिसमें 1.38 लाख रुपये लगेंगे। फिर उसने कहा कि वह फायदा कराएगा और सिर्फ 1.03 लाख रुपये ही भरने पड़ेंगे।
अनिल को दीपक की बातों पर विश्वास हो गया और ठग ने क्यूआर कोड भेजकर पैसे ट्रांसफर करवा लिए। 24 घंटे में लोन पास करने का वादा किया, लेकिन लोन नहीं मिला। अगस्त 2025 में उसने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीपीआर) पर शिकायत दर्ज की।
एक महीने तक ठग ने टालमटोल की, फिर फोन स्विच ऑफ हो गया। अनिल को समझ आ गया कि लोन क्लियर करने के नाम पर उसके साथ ठगी हुई है। उसे 31 दिसंबर 2025 को विस्तृत बयान दर्ज कराया और ठग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पैसे वापसी की मांग की।
इस बारे में एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान के मुताबिक सोशल मीडिया पर लोन के फेक विज्ञापनों से सावधान रहें। कोई भी प्रोसेसिंग फीस या क्लियरेंस के नाम पर अग्रिम पेमेंट न करें। असली लोन कंपनियां कभी क्यूआर कोड से पहले पैसे नहीं मांगतीं।
गुरुग्राम साइबर पुलिस ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रही है। पीड़ितों से अपील है कि ठगी होते ही 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर रिपोर्टिंग से पैसे फ्रीज कर वापस पाए जा सकते हैं।
वहीं, लक्ष्मी गार्डन के रहने वाले अमित के अकाउंट से भी साइबर ठगों ने रुपये निकाल लिए। पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया कि वह उद्योग विहार फेस 4 एक कंपनी में कार्यरत है। पिछले साल 11 सितंबर को अपने घर पर फेसबुक चला रहा था और अचानक मोबाइल गर्म और हैंग होने लगा तो उसने तुरंत अपना मोबाइल बंद कर दिया।
थोड़ी देर बाद जब मैंने अपना मोबाइल चालू किया तो मेरे मोबाइल पर ना कोई भी कॉल और मैसेज नहीं आ रहे थे। 13 सितंबर को पता चला कि उसके मोबाइल पर कॉल फारवर्ड की हुई हैं। जिसके बाद इसको डिएक्टिवेट करवाया तो तुरंत बाद फोन पर एक्सेस बैंक की तरफ से काफी मैसेज प्राप्त हुए। जिसमें क्रेडिट कार्ड से 11 सितंबर को 47665 रुपये और 13 सितंबर को 43898 और 6465 रुपये का मैसेज प्राप्त हुआ।




