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Reporter: Sonu Rana
Author: Sonu Rana
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की साउथ वेस्ट जिला पुलिस ने अप्रैल में 194 लापता बच्चों और लोगों को ढूंढकर उनके परिवारों से मिला दिया है। इनमें 45 बच्चे और 149 बड़े लोग शामिल हैं। पुलिस की इस खास मुहिम का नाम है ‘ऑपरेशन मिलाप’। इस अभियान के तहत पुलिस ने लापता बच्चों और लोगों को तुरंत ढूंढने के लिए सीसीटीवी फुटेज चेक की, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ऑटो स्टैंड और ई-रिक्शा स्टैंड पर फोटो दिखाए। बस ड्राइवरों, कंडक्टरों, दुकानदारों और स्थानीय सूत्रों से भी जानकारी ली। अस्पतालों और आसपास के थानों के रिकॉर्ड भी खंगाले गए।

साउथ वेस्ट डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि जैसे ही पुलिस को किसी के लापता होने की जानकारी मिलती है। पुलिस तुरंत कार्रवाई करना शुरू कर देती है। अलग-अलग टीमें अपने काम पर लग जाती हैं। कोई आसपास के इलाके में ढूंढने लगता है तो कोई तकनीक का सहारा लेकर बच्चों को ढूंढता है। समय पर कार्रवाई करते हुए कई लोगों को बचाया जा सका। ऑपरेशन मिलाप के तहत पुलिस की इस मेहनत से कई परिवारों को राहत मिली है।
परिवार ने आभार व्यक्त किया
डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक साउथ वेस्ट जिले की विभिन्न पुलिस स्टेशन ने मिलकर ये काम किया। इसमें सबसे ज्यादा बच्चे कापसहेड़ा थाना पुलिस ने ढूंढकर परिवारों से मिलवाए। इसके अलावा साउथ कैंपस, वसंत कुंज नॉर्थ व साउथ, पालम गांव, सागरपुर, सरोजिनी नगर, एसजे एन्क्लेव, किशनगढ़ और AHTU यूनिट ने भी लापता लोगों को ढूंढकर उनके घर पहुंचाया। बच्चों के मिलने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने पुलिस विभाग व संबंधित पुलिस कर्मी का आभार व्यक्त किया है। साथ ही इन थानों ने बच्चों को ढूंढा।
-वसंत विहार थाने ने 3 बच्चियों और 3 महिलाओं को परिवार से मिलाया
-कापसहेड़ा थाने ने सबसे ज्यादा 8 बच्चों और 21 बड़ों को ढूंढा
-दिल्ली कैंट थाने ने 1 बच्चे और 29 बड़ों को ट्रेस किया
-DMPU/SWD यूनिट ने 6 बच्चियों और 53 बड़ों को परिवार से जोड़ा
542 को चार महीने में परिवारों से मिलवा चुकी है पुलिस
साउथ वेस्ट डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि इस साल जनवरी से अप्रैल तक साउथ वेस्ट जिला पुलिस ने कुल 542 लापता लोगों को उनके परिवारों से मिलाया है। इनमें 143 बच्चे और 399 बड़े शामिल हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि लापता होने की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। स्थानीय पूछताछ और तकनीकी साधनों से कई लोगों को समय पर बचाया जा सका। ऑपरेशन मिलाप के तहत पुलिस की इस मेहनत से कई परिवारों को राहत मिली है।




