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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
नई दिल्ली। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर देशभर में आंदोलन और हड़ताल का ऐलान किया है। UFBU के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, सरकार की Performance Linked Incentive (PLI) योजना को वापस लेना और लंबित मुद्दों का समाधान करना शामिल है।

UFBU ने बताया कि देशभर में आंदोलन के तहत 11 सितंबर 2026, 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया गया है। संगठन का कहना है कि यह फैसला सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण लिया गया है।
5 Days Banking की मांग: UFBU लंबे समय से सभी शनिवार को बैंक अवकाश घोषित करने की मांग कर रहा है। संगठन के मुताबिक, मार्च 2024 में हुए समझौते में बाकी शनिवार को भी छुट्टी घोषित करने पर सहमति बनी थी। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना बैंकिंग समय में 40 मिनट की बढ़ोतरी पर सहमति बनी थी। UFBU का कहना है कि इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय भेजा गया था, लेकिन दो साल से अधिक समय बीतने के बावजूद मामला लंबित है।
संगठन का कहना है कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से ग्राहकों के लिए बैंकिंग के कुल कामकाजी समय में कमी नहीं होगी, क्योंकि सोमवार से शुक्रवार तक अतिरिक्त 40 मिनट काम करने पर सहमति है। UFBU ने यह भी कहा कि बैंक कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ा है और बेहतर work-life balance के लिए पांच दिन की कार्य व्यवस्था जरूरी है।
PLI Scheme को लेकर भी विरोध: बैंक यूनियनों ने सरकार की संशोधित Performance Linked Incentive (PLI) Scheme का भी विरोध किया है। UFBU के मुताबिक, नवंबर 2020 में लागू योजना में बैंक के प्रदर्शन और मुनाफे के आधार पर कर्मचारियों और अधिकारियों को समान तरीके से प्रोत्साहन देने का प्रावधान था। इसमें अधिकतम 15 दिन के वेतन तक इंसेंटिव दिया जाता था।
UFBU का आरोप है कि नवंबर 2024 में वित्त मंत्रालय के Department of Financial Services (DFS) ने Scale IV से Scale VII तक के अधिकारियों के लिए इंसेंटिव का नया फॉर्मूला लागू करने का निर्देश दिया। संगठन का कहना है कि यह पहले हुए द्विपक्षीय समझौते के खिलाफ है।
यूनियनों के अनुसार, नई व्यवस्था में इंसेंटिव व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर तय किया जा रहा है और कुछ अधिकारियों के लिए यह 365 दिन के वेतन तक हो सकता है, जबकि बाकी कर्मचारियों के लिए अधिकतम सीमा 15 दिन के वेतन तक है। UFBU ने इसे कर्मचारियों के बीच भेदभाव बताते हुए इसका विरोध किया है।
UFBU ने बताया कि इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी मामला लंबित है। संगठन के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को DFS की ओर से बैंकों को इस योजना को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने को कहा गया।
बैंक यूनियनों ने कहा है कि PLI योजना में बदलाव, पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था और अन्य लंबित मुद्दों को लेकर सरकार व बैंक प्रबंधन से बातचीत की जरूरत है। संगठन के मुताबिक, मार्च 2025 और जनवरी 2026 में उठाए गए कुछ मुद्दे भी अभी तक समाधान की प्रक्रिया में हैं।
UFBU ने कहा कि इन्हीं मुद्दों के चलते यूनियनों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।




