Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम के मानेसर नगर निगम में सफाई व्यवस्था अब बड़ा विवाद बनती जा रही है। घर-घर से कूड़ा उठाने वाली निजी एजेंसी और मेयर खेमा आमने-सामने आ गए हैं। मामला सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब इसमें आरोप-प्रत्यारोप और राजनीति भी जुड़ गई है।

कूड़ा उठाने का काम संभाल रही पूजा कंसल्टेशन एजेंसी ने मेयर के पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी का कहना है कि निरीक्षण के दौरान दबाव बनाया गया, अभद्र व्यवहार किया गया और टेंडर से जुड़ी हिस्सेदारी तक मांगी गई। दूसरी तरफ मेयर पक्ष एजेंसी पर नियमों का सही तरीके से पालन नहीं करने और जरूरी संसाधन पूरे न रखने के आरोप लगा रहा है।
जानकारी के मुताबिक मानेसर नगर निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका पूजा कंसल्टेशन एजेंसी को दिया हुआ है। करीब 64 करोड़ रुपये के इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत एजेंसी अगले पांच साल तक सफाई व्यवस्था संभाल रही है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से सफाई व्यवस्था और संसाधनों को लेकर निगम और एजेंसी के बीच खींचतान लगातार बढ़ रही है।
मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव की तरफ से कहा गया कि एजेंसी को टेंडर के मुताबिक सभी जरूरी वाहन और संसाधन उपलब्ध कराने थे, लेकिन निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आईं। इसी को लेकर जॉइंट कमिश्नर, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में वाहनों की जांच और गिनती करवाई गई।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब एजेंसी प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान मेयर के पति राकेश यादव ने दबाव बनाया और धमकी दी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि टेंडर राशि में हिस्सेदारी तक मांगी गई। मामले की शिकायत निगम सदन में भी पहुंच चुकी है।
वहीं सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीण यादव ने भी जांच प्रक्रिया के दौरान अभद्र व्यवहार होने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान कुछ लोगों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ गलत व्यवहार किया।
अब यह मामला सिर्फ सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं दिख रहा। मानेसर की मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव के हाल ही में भाजपा में शामिल होने के बाद इस विवाद को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
अब निगाह इस बात पर है कि नगर निगम के अंदर चल रही इस तनातनी का हल कब निकलता है और मानेसर की सफाई व्यवस्था कब पटरी पर लौटती है।




