Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम। सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए गुरुग्राम के डॉ. आर. एस. यादव को भारत-भूटान शांति रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भूटान की राजधानी थिंपू में आयोजित भारत-भूटान शांति सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।

सम्मेलन के दौरान भूटान के विदेश मंत्री डी. एन. डुंगयाल ने लोकसभा भवन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों के साथ चाय पर चर्चा की, जिसमें भारत से आए 41 सम्मानित प्रतिभागी शामिल रहे।
बातचीत के दौरान विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने हरियाणा के रोहतक से शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें भी प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा कीं। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत और भूटान के रिश्ते बड़े भाई और छोटे भाई जैसे हैं और दोनों देश इन्हें आगे भी और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस यात्रा में भारत के 85 सदस्यीय सांस्कृतिक एवं सामाजिक प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। इनमें से 41 विशिष्ट प्रतिभाओं को भारत-भूटान शांति रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय समरसत्ता मंच के संयोजक एडवोकेट कुलदीप प्रसाद शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह मिशन भारत-भूटान मैत्री, विश्व शांति और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. आर. एस. यादव ने अंतरराष्ट्रीय समरसत्ता मंच और भारत-भूटान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा। :::




