Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
DLF फेज-3 में 13 दिन बाद फिर शुरू हुआ सीलिंग अभियान, दो PG सील, स्टिल्ट पार्किंग के अवैध निर्माण हटाए
गुरुग्राम के DLF फेज-3 में करीब 13 दिन बाद टाउन प्लानिंग विभाग ने एक बार फिर रेस्टोरेशन और सीलिंग अभियान शुरू किया। शुक्रवार को डीटीपीई अमित माधोलिया की अगुवाई में पुलिस और जिला प्रशासन की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। इस दौरान दो PG भवन सील किए गए, स्टिल्ट पार्किंग में बने अवैध निर्माण तोड़े गए और करीब 30 मकानों के बाहर सरकारी जमीन (राइट ऑफ वे) पर किए गए अतिक्रमण हटाए गए।

इससे पहले विभाग ने 18, 19 और 20 जून को भी अभियान चलाया था। उस समय जिन PG भवनों पर कार्रवाई होनी थी, उनमें बड़ी संख्या में लोग रह रहे थे। लोगों को मकान खाली करने का समय देने के लिए विभाग ने करीब 10 दिन का मौका दिया और नोटिस व पंपलेट बांटे। तय समय पूरा होने के बाद शुक्रवार से कार्रवाई फिर शुरू की गई।
अभियान के दौरान स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए अवैध कमरे और ड्राइंग रूम तोड़े गए। कई जगह बने सर्वेंट रूम, स्टोर रूम और अन्य अवैध हिस्सों को भी सील किया गया। साथ ही मकानों के बाहर सरकारी जमीन पर बनाए गए गार्ड रूम, गार्डन, लोहे की ग्रिल, चबूतरे, गमले और अन्य अतिक्रमण भी हटाए गए।
कार्रवाई की मुख्य बातें
• एस-18/1 स्थित भवन में चल रहे 26 कमरों वाले PG को पूरी तरह सील कर दिया गया।
• एस-18/18 स्थित भवन की स्टिल्ट पार्किंग में बना अवैध ड्राइंग रूम तोड़ा गया। इसके अलावा छह सर्वेंट रूम और छत पर बने दो लीजर रूम सील किए गए।
• एस-18/19 स्थित भवन में स्टिल्ट पार्किंग का अवैध ड्राइंग रूम और पीछे सेटबैक में किया गया निर्माण हटाया गया। दो स्टोर रूम भी सील किए गए।
• सिरिस रोड-16 स्थित भवन में स्टिल्ट पार्किंग में बने दो कमरे, सात शौचालय और पीछे का अवैध निर्माण तोड़कर भवन को स्वीकृत नक्शे के अनुसार बहाल किया गया।
• एस-19/14 स्थित भवन में हर मंजिल पर चल रहे PG सहित पूरी इमारत को सील कर दिया गया।
डीटीपीई अमित माधोलिया ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों के तहत यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। स्टिल्ट पार्किंग पर कब्जे, नक्शे के खिलाफ निर्माण, राइट ऑफ वे पर अतिक्रमण और रिहायशी इलाकों में नियमों के विपरीत चल रही गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को हाई कोर्ट में होगी, जहां विभाग अपनी कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करेगा।




