Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम के सेक्टर-86 स्थित अंसल हाइट्स सोसायटी में दिल्ली पुलिस की फर्जी टीम बनकर फ्लैट में रेड करने और 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। खेड़की दौला थाना पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से दिल्ली पुलिस के तीन फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं।

पुलिस के मुताबिक, 29 और 30 जुलाई की रात अंसल हाइट्स सोसायटी में झगड़े की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ फ्लैट में गेट-टुगेदर पार्टी कर रहा था। इसी दौरान एक महिला अपने पांच साथियों के साथ जबरन फ्लैट में घुस आई। सभी ने खुद को दिल्ली पुलिस की विशेष टीम का सदस्य बताया और रेड डालने की बात कही।
आरोप है कि सभी ने फ्लैट में मौजूद लोगों को बंधक बना लिया, उनके साथ मारपीट की और केस में फंसाने की धमकी देकर 25 लाख रुपये की मांग की। आरोपियों में शामिल ऋषि नाम का व्यक्ति शिकायतकर्ता के दोस्त सागर को रुपये लेने के बहाने अपनी कार में लेकर चला गया। रास्ते में सागर को शक हुआ तो उसने अपने साथियों को अपनी लोकेशन भेज दी। इसके बाद उसके साथी मौके पर पहुंचे और चार आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि ऋषि मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सतविंद्र (46), टीनू (42), नवीन (40) और स्नेहा उर्फ सना (21) को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी रोहतक जिले के रहने वाले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फरार आरोपी ऋषि ने उन्हें शिकायतकर्ता के बारे में जानकारी दी थी कि वह संपन्न परिवार से है और दोस्तों के साथ अक्सर पार्टी करता है। इसके बाद सभी ने मिलकर दिल्ली पुलिस की फर्जी टीम बनकर फ्लैट में रेड करने और डराकर रंगदारी वसूलने की योजना बनाई। महिला आरोपी ने फ्लैट की घंटी बजाई और दरवाजा खुलते ही बाकी आरोपी अंदर घुस गए।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दिल्ली पुलिस के तीन फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये फर्जी आईडी उन्हें फरार आरोपी ऋषि ने उपलब्ध कराई थीं।
शुक्रवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने महिला आरोपी स्नेहा उर्फ सना को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि सतविंद्र, टीनू और नवीन को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी ऋषि की तलाश में जुटी है। साथ ही फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले लोगों और इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भी जांच की जा रही है।




