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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
नूंह। जिले की फास्ट ट्रैक स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने सात वर्षीय बच्ची के अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) डॉ. आशु संजीव तिंजन की अदालत ने फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के गांव दोहा निवासी अब्बास पुत्र उमरदीन को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 का है। शिकायत में बताया गया था कि करीब सात वर्षीय बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी उसका अपहरण कर लिया गया। बच्ची के अचानक लापता होने पर परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद अगले दिन फिरोजपुर झिरका थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अब्बास को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सरसों के खेत से बच्ची का शव बरामद किया, जिसे जमीन में दबाया गया था।
पुलिस ने मामले की गहन जांच कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और मजबूत आरोप पत्र अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित हुए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों को देखते हुए आरोपी को दोषी करार देते हुए हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।




